कोई अमीर कोई गरीब क्यों पैदा होता है? कोई कमज़ोर कोई बलवान क्यों? || (2021)

October 19, 2021 | आचार्य प्रशांत

प्रश्नकर्ता: प्रकृति मनुष्य के साथ भेदभाव क्यों करती है? किसी को बलवान पैदा करती है, किसी को कमज़ोर; किसी का दिमाग जन्म से तेज़ होता है, किसी का मंद होता है।

आचार्य प्रशांत: प्रकृति को तुम्हारी चेतना से कोई मतलब नहीं है, वो शरीर-भर पैदा कर देती है; और शरीर भी वो भाँति-भाँति के पैदा करती है, जैसे वो प्रयोग कर रही हो। जब तुम देखते हो कि एक पेड़ ऊँचा निकल गया और एक पेड़ टेढ़ा होकर के छोटा-सा रह गया, तो तुम कहते हो क्या कि प्रकृति ने भेदभाव किया? तब तुम कह देते हो, “ये विविधता है, डाइवर्सिटी है।“ एक छोटा फूल है, एक बड़ा फूल है, तब क्या तुम कहते हो “अन्याय हुआ है”? तब क्या बोलते हो? “बायो-डाइवर्सिटी (जैव-विविधता)।“

इन्सान एक छोटू रह गया बिलकुल एकदम, इतना-सा, और एक बड़ा हो जाए, तब तुम कहते हो “नाइंसाफी-नाइंसाफी”? बायो-डाइवर्सिटी है, और क्या है? बायोडाइवर्सिटी है, और कुछ नहीं। अफ्रीकन हाथी जो होता है, उसके कान देखो, और अपना जो देसी है वो छोटू रह गया; कहने को हाथी है, और उसके कान अफ्रीका वाले के आधे नहीं होते। अफ्रीका वाले के दाँत देखे हैं? टस्कर कहलाने का हक़दार सिर्फ़ वही है; और देसी के? तब तो कहते हो, “नहीं-नहीं, दो अलग-अलग चीज़ें हैं, दो अलग स्पीशीज़ (प्रजातियाँ) हैं।“ वैसे ही है भाई!


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आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। अधिक जानें

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