धोखा देकर शारीरिक संबंध बनाने वाले || आचार्य प्रशांत (2020)

October 9, 2020 | आचार्य प्रशांत

ज़िंदगी इन सब चीज़ों के लिए नहीं होती। जो लोग देह भाव में जीते हैं, उनका वही अंजाम होता है जो तुम्हारा हो रहा है। वो दूसरों की देह को देखकर फँस जाते हैं, और फिर अपनी ही देह को कष्ट देते हैं। ये दो तरफ़ा उन पर चोट पड़ती है। ज़िंदगी शरीर बन कर मत गुज़ार दो; वो बर्बादी है।

जानो कि तुम इसलिए हो ताकि तुम मानसिक तौर पर ऊँचे-से-ऊँचा उठ सको और यही जीने का मक़सद होता है। हम इसलिए नहीं पैदा हुए हैं कि अपना शरीर चमकाएँगे, दूसरों का शरीर भोगेंगे या दूसरों के भोग का कारण बनेंगे। हम इसलिए पैदा हुए हैं ताकि चेतना के तल पर, समझदारी के तल पर, होश के तल पर ऊँचे-से-ऊँचा उठ सकें।

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आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। अधिक जानें

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