पुनर्जन्म के गुप्त रहस्य जानने हैं? || (2021)

September 10, 2021 | आचार्य प्रशांत

प्रश्नकर्ता: अगर पुनर्जन्म नहीं होता तो ईश्वर ने किस आधार पर किसी को अमीर और किसी को गरीब घर में पैदा किया है?

आचार्य प्रशांत: आप अपना जो वैल्यू सिस्टम है वो किसी ईश्वर के ऊपर क्यों आरोपित या इम्पोज़ कर रहे हो? आपके हिसाब से अमीर होना बहुत बड़ी बात होती है और आपके हिसाब से गरीब होना बहुत खराब बात होती है क्योंकि आप पैसे के प्यासे हो। आप भयानक रूप से लालची हो तो आपके लिए अमीर होना बड़ी बात हो गई और आपके लिए गरीब होना खराब बात हो गई। आपको कैसे पता कि — जिस भी ईश्वर की आप बात कर रहे हैं, ईश्वर कौन है क्या नहीं, वो अलग मुद्दा है, उसकी कभी और बात करेंगे — आप जिस भी ईश्वर की बात कर रहे हैं कि वो आपको कहीं पैदा करता है, वो तय करता है कौन-सा बच्चा किस घर में पैदा होगा — आपको कैसे पता उस ईश्वर को भी ऐसा लगता है कि अमीर होना बड़ी बात है और गरीब होना खराब बात है, आपको कैसे पता?

सवाल पूछने वालों का कहना ये है कि "देखिए कर्मफल तो होता ही होगा न वरना किसी बच्चे का इतना अच्छा नसीब कैसे होता कि वो अमीर घर में पैदा हो रहा है। और किसी बच्चे का इतना खराब नसीब कैसे होता कि वो गरीब घर में पैदा हो रहा है।" तुम्हें कैसे पता कि अमीर घर में पैदा होना वास्तव में कोई बड़ी शुभ बात है? तुम्हें कैसे पता कि गरीब घर में पैदा होना वास्तव में बड़ी खराब बात है? तुम्हें कैसे पता? ये तुम्हारा अपना वैल्यू सिस्टम है, ये तुम्हारी आंतरिक मूल्य व्यवस्था है जिसको तुम एब्सल्यूट (निरपेक्ष) मान रहे हो। तुम्हें लग रहा है ऐसा ही तो है। क्यों ऐसा है? क्योंकि तुम्हें ऐसा लगता है। तुम मरे जा रहे हो पैसे के पीछे तो तुम्हें ऐसा लग रहा है कि पैसा बड़ी बात है एब्सल्यूटली (निरपेक्ष रूप से)।

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आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। अधिक जानें

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