कलियुग कब और कैसे खत्म होगा? || (2021)

October 28, 2021 | आचार्य प्रशांत

प्रश्नकर्ता: कलियुग खत्म कैसे होगा? और ये जो सब सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग बताए गए हैं; होते क्या है? कृपया थोड़ा प्रकाश डालिए।

आचार्य प्रशांत: बहुत अच्छे। (प्रश्नकर्ता से) मन की अवस्थाएँ हैं, समय ही मन है, मन ही समय है।

"काल काल सब कोई कहै, काल न चीन्है कोय।
जेती मन की कल्पना, काल कहावै सोय।।"

'जेती मन की कल्पना काल कहावै सोय', मन ही काल है।

"नाहं कालस्य, अहमेव कालम"- उपनिषद् कहते हैं।

तो जब समय मन है, काल, युग मन है, तो ये जितने हैं सतयुग, द्वापरयुग, त्रेता सब कहाँ हो गए ये? ये मन में हो गए। ये कोई तुमसे बाहर घटने वाली घटनाएँ नहीं हैं। वेदांत ये तुमको कुछ मूलभूत बातें हैं जो बताता है, बाहर कुछ नहीं घट रहा बेटा! बाहर कुछ नहीं घट रहा। समय का पूरा प्रवाह ही तुममें है। मन साफ़ है—सतयुग है। मन मलिन है—कलियुग है। ऐसा कुछ नहीं है कि ये कैलेंडर पर घटने वाली घटनाएँ हैं, कि फ़लाने इतने हज़ार या इतने करोड़ वर्ष बीत जाएँगे तो फ़िर सतयुग हटेगा फ़लाना युग आएगा फिर फ़लाना युग बीतेगा इतने करोड़ वर्ष बीत जाएँगे।


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आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। अधिक जानें

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