प्रकृति है मैया, अहम है बबुआ || (2021)

October 9, 2021 | आचार्य प्रशांत

आचार्य प्रशांत: जीवात्मा प्रकर्ति से युक्त है। युक्त माने? जुड़ा हुआ, योग में। जो चीज़ किसी से योग में हो उसे कहते हैं युक्त। जीवात्मा त्रिगुणी प्रकृति से योग में है तो जीवात्मा गुणों से युक्त है। जीवात्मा प्रकृति से योग में है इसका क्या अर्थ है?

बात समझते चलिएगा। जहाँ समझ में नहीं आ रही हो, पूछिएगा। एक-एक करके श्लोक आगे बढ़ते रहें और जीवन में ना उतारें तो कोई लाभ नहीं।

जीवात्मा प्रकृति से योग में है इस बात का अर्थ क्या? जीवात्मा अगर अहम् है, तो अहम् क्या है? प्रकृति का ही एक तत्व। और इस बात की विवेचना सबसे सुन्दर कहाँ की गई है? श्रीमद्भगवद्गीता में, जहाँ पर प्रकृति की त्रिगुणात्मक सत्ता के बारे में श्रीकृष्ण ने विस्तार में बताया है। वो कहते हैं वहाँ पर कि अहम् भी प्रकृति का ही एक तत्व है।

प्रकृति माँ है। उस माँ के घर में बहुत सारे तत्व हैं जिसमें एक तत्व उस माँ का एक बच्चा, एक बेटा, अहम्, वो भी है। समझाने का एक तरीका है। ऐसा है नहीं, समझाने के लिए बोल रहा हूँ।

पूरा जो ब्रह्मांड है, उसको मानो एक घर। किसका घर है वो? प्रकृति। उसमें बहुत सारे क्या हैं? तत्व हैं।

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आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। अधिक जानें

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