पत्नी पर शक और निगरानी

June 20, 2021 | आचार्य प्रशांत

प्रश्नकर्ता: नमस्कार, सर। पिछले ही साल मेरी शादी हुई। मेरी पत्नी एक टीचर है। मैंने देखा है कि मैं उसके प्रति अविश्वास से भरा रहता हूँ, चोरी छुपे उसके फोन और अलमारी पर नज़र रखता हूँ। मुझे खुद अपने पर बहुत घिन आती है पर यह करने से खुद को रोकने में भी असमर्थ रहता हूँ। सर, अपने रिश्ते में विश्वास कैसे पैदा करूँ?

आचार्य प्रशांत: अब नरेश, मैं इसमें तुमको एक तो यूँ ही सस्ता, चलता-फिरता जवाब दे सकता हूँ, जिसको तुम यदि अपने जीवन में आज़माओगे तो कुछ समय के लिए फायदा भी हो जाएगा। पहले यही बताए देता हूँ कि वह सस्ता जवाब कैसा होता है।

सस्ता जवाब यह होता है कि तुम में और तुम्हारी नवविवाहिता पत्नी में अगर विश्वास की कमी है, तुम्हें उस पर शक़ वगैरह रहता है, तो एक दूसरे से दिल खोल कर बातें करो, अपनी पुरानी यादें साझा करो, दोनों साथ कहीं घूमने फिरने चले जाओ, एक दूसरे को खूब जताओ कि, "हम तो तुम्हारे लिए ही है जानम", तो जो एक दूसरे को लेकर के संदेह है वह कम हो जाएगा। और हो भी जाएगा।

दो-तीन महीने या दो-तीन हफ्ते बड़ा अच्छा-अच्छा लगेगा क्योंकि तुमने उससे कसम ले ली है कि वह अपनी ज़िंदगी में ऐसा कुछ भी नहीं करेगी जिससे तुम्हारे दिल को चोट लगे। बदले में तुमने भी कसम दे दी है कि, “हाँ, मैं भी कुछ ऐसा नहीं करूँगा कि बेवफा कहलाऊँ।”

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आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। अधिक जानें

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