मृत्यु के बाद क्या होता है? || आचार्य प्रशांत (2019)

प्रश्न: आचार्य जी, मेरी मृत्यु के बाद मेरी आत्मा का क्या होगा?

आचार्य प्रशांत जी:

आत्मा के साथ कभी कुछ नहीं होता।

त्मा अद्वैत है।

कौन आएगा उसके साथ कुछ करने, जब दूसरा कोई है ही नहीं ?

क्या कहीं से सुनकर आए हो ये सब – आत्मा की यात्रा वगैरह, कि आत्मा भी यात्रा करती है? जो यात्रा होती होगी, वो भी किसी गति से ही होती होगी। कितने किलोमीटर प्रति घंटे, ये भी बता देना। सॉनिक है, या अल्ट्रा-सॉनिक है, ये सब भी बताकर रखो आत्मा की यात्रा के बारे में।

यात्रा तो हमेशा किसी सीमित वस्तु की होती है, जगत में ही कहीं-से-कहीं तक की होती है, और सीमित गति होती है। और एक सज्जन हुए हैं जो हमें ये भी बता गए हैं कि जगत में जो भी वस्तु यात्रा करेगी, उसकी गति प्रकाश की गति से ज़्यादा नहीं हो सकती। तो ये तो तुमने आत्मा के ऊपर भी बाध्यता डाल दी। अगर वो यात्रा करेगी तो उसके ऊपर भी एक नियम लग गया, पर आत्मा के ऊपर तो कोई नियम लगता नहीं।

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