इसे कहते हैं असली जवानी || आचार्य प्रशांत, स्वामी विवेकानंद पर (2020)

 बहुत पुराना है भारत; इतना पुराना होता गया, होता गया, वृद्ध ही हो गया, जर-जर ही हो गया; ताक़त को, स्ट्रैंग्थ को बिल्कुल भूल ही गया। उस वृद्ध भारत में नए प्राणों का संचार किया स्वामी विवेकानंद ने।

उन्होंने जीवन से जो क्रान्तिकारी आदर्श प्रस्तुत किया है, उसको देखिए। उनको एक स्वामी मात्र की तरह मत देखिए, या उनको एक वक्ता या लेखक मात्र की तरह मत देखिए। स्वामी विवेकानंद को आप बहुत ज़्यादा उनके कृतित्त्व से नहीं जान पाएँगे।

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