अपनी हैसियत जितनी ही चुनौती मिलती है सबको || आचार्य प्रशांत (2019)

जितना तुम साधना में आगे बढ़ते जाते हो, उतना तैयार रहना, माया और बड़े-बड़े झटके मारती है। बड़े लोगों को छोटी चीज़ वैसे भी शोभा देती नहीं न? अब बड़े आदमी हो गए हो भाई, तो चोट भी तुम्हें अब कैसी मिलेगी? बड़ी मिलेगी! छोटे लोगों को छोटी चोट, बड़े लोगों को बड़ी चोट। बात न्याय की है।

चलते रहो, और कोई सूत्र नहीं है।

माया अपने झटके कम नहीं करने वाली।

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