बाहरी घटनाएँ अन्दर तक हिला जाती हैं? || आचार्य प्रशांत (2019)

अब बाहरी और आंतरिक में अंतर समझिएगा।

आप जिसको 'आंतरिक' बोलते हैं अगर वो बाहरी परिस्थितियों से प्रभावित हो जाता है, तो या तो आंतरिक बाहरी है, या बाहरी आंतरिक है; पर एक बात पक्की है कि दोनों एक हैं। क्योंकि बाहर की चीज़ बाहर की ही चीज़ पर प्रभाव डाल सकती है, और अंदर की चीज़ का संबंध अंदरूनी चीज़ों से ही हो सकता है। आप कहें, “घटना बाहर घटी है, हिल गया कुछ भीतर-भीतर”, तो इसका मतलब है जो भीतर-भीतर लग रहा है, वो भी है ‘बाहर’।

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