आसपास दमदार-समझदार महिलाएँ दिखाई नहीं देतीं? || आचार्य प्रशांत (2020)

और याद रखिएगा ये सब हमेशा चुनाव होता है।

कोई ये ना कहे कि "मैं क्या करूँ, मैं फँसा हुआ हूँ; मैं क्या करूँ, मैं तो पैदा ही मच्छी बाज़ार में हुआ हूँ, या मैं तो पैदा ही बाग़ में हुआ हूँ।" पैदा कौन कहाँ होता है इस पर मैं मानता हूँ किसी का इख़्तियार नहीं होता। लेकिन पैदा हुए अब बहुत समय बीत गया। यहाँ कौन बैठा है नन्हा-मुन्ना? अब तो आप लोग सब वयस्क हैं ना। सबके पास ताक़त है, सबके पास चेतना है।

अतः सबके पास चुनाव है।