उसके लिए प्राण भी जाए, तो कोई बात नहीं || आचार्य प्रशांत, श्रीरामकृष्ण परमहंस पर (2019)

अध्यात्म दुःख से मुक्ति का विज्ञान है, लेकिन अध्यात्म ख़ुद बहुत दुःख देता है, इसीलिए तो लोग अध्यात्म से पीछा छुड़ाकर भागते हैं। अध्यात्म है तो इसलिए कि जीव जिन दुःखों में लिपटा पड़ा रहता है और त्रस्त रहता है, उनसे मुक्त हो जाए—है तो अध्यात्म इसलिए, पर किसी भी आध्यात्मिक साधक से पूछो, किसी भी ऐसे व्यक्ति से पूछो जिसने कहा हो कि सच्ची ज़िंदगी जीनी है, वो आपको बताएगा कि सच्ची ज़िंदगी जीने में बहुत दुःख मिलता है।

जब सच्ची जिंदगी जीने में दुःख मिले, तो वो दुःख शुभ है।

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